रविवार, 8 जनवरी 2012

horoscop

 कम्प्यूटर  से जन्मपत्री बनवाकर किसी ऐसे  ज्योतिषी  को दिखाएँ  जिसे फलादेश का व्यक्तिगत अनुभव हो तथा गणित का भी भलीभाँति ज्ञान हो। प्रशन कर्ता की संतुष्टता हेतु उचित समय देकर अच्छी-बुरी  घटनाओं को बताएँ। विशेष कर बुरी घटनाओं को अवश्य  बताएँ। चाहे वे कटु सत्य क्यों न हो,क्योंकि ज्योतिष और प्रकाश में समानता का गुण हैं। वह अच्छी-बुरी दोनों जगहों पर पड़ेगा। ऐसी परिस्थिति में अच्छी-अच्छी बाते ही  पूछने वाला प्रश्नकर्ता व अच्छी-अच्छी ही बाते बताने वाला ज्योतिषी दोनों ही दोषी हैं।
ज्योतिष विद्या के साथ विश्वासघात करने वाले हैं।


 एक ही अनुभवी ज्योतिषी को बार-बार अपनी कुण्डली दिखलावे। इससे आपको निश्चित ही संतुष्टी होगी।
 योग्य एवं लम्बे समय के अनुभवी ज्योतिषी का चयन कर उससे विचार विमर्श होने के बाद भी यदि कोई जातक नहीं समझे तो फिर उस जैसा अभागा कोई और न होगा। यदि सौभाग्य से उपरोक्त योग्यता व अनुभव वाला फलादेशकर्ता मिल ज
ाए तो उससे जी-भरकर लाभ उठाना ही बुद्धिमानी होगी।

 फलादेश के इच्छुक व्यक्तियों को चाहिए कि वे भविष्यफल में बताएँ गए पूजा-पाठ, हवन, दान, आदि को पूर्ण विश्वास व श्रद्धा के साथ  ही करें तभी कार्यो में सफलता निश्चित हैं। मन में शंका, कुतर्क आदि करने से कोई लाभ नहीं होगा। आपकी समस्याओं का समाधान जन्म कुण्डली, प्रश्न कुण्डली से किया जा सकता हैं। और भी कई विधान है , अगर जनम समय मालूम नहीं तो हस्त रेखा भी दिखला कर समाधान हो सकते हैं.

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