योग
काल - गणना
योग
कार्य-सिद्धि योग
1 जनवरी को सूर्योदय से दिन 12.41 तक
3 जनवरी को सूर्योदय से सायं 6.42 तक
4 जनवरी को रात्रि 9.37 से रातभर
10 जनवरी को प्रात: 5.18 से सूर्योदय तक
11 जनवरी को प्रात: 5.16 से सूर्योदय तक
15 जनवरी को सूर्योदय से रात्रि 12.34 तक
18 जनवरी को रात्रि 8.29 से 19 जनवरी को सायं 7.09 तक
22 जनवरी को सायं 4.01 से रात्रिपर्यन्त
23 जनवरी को दिन 3.32 से रातभर
29 जनवरी को रात्रि 11.53 से रातभर
अमृत योग
3 जनवरी को सूर्योदय से सायं 6.42 तक
15 जनवरी को सूर्योदय से रात्रि 12.34 तक
18 जनवरी को रात्रि 8.28 से रातभर
सर्वदोषनाशक रवि योग
2 जनवरी को दिन 3.38 से 4 जनवरी को रात्रि 9.37 तक
6/7 जनवरी को रात्रि 2.20 से 7/8 जनवरी को रात्रि 3.53 तक
14/15 जनवरी को रात्रि 1.50 से 15/16 जनवरी को रात्रि 12.34 तक
26 जनवरी को सायं 5.04 से 27 जनवरी को सायं 6.47 तक
28 जनवरी को रात्रि 9.06 से 29 जनवरी को रात्रि 11.53 तक
द्विपुष्कर (दोगुना फल) योग
15/16 जनवरी को रात्रि में 12.34 से 3.38 तक
24 जनवरी को दिन 3.29 से रातभर
विघ्नकारक भद्रा
1 जनवरी को दिन 11.47 तक
4 जनवरी को सायं 7.23 से 5 जनवरी को प्रात: 8.35 तक
8 जनवरी को दिन 12.46 से रात्रि 12.52 तक
11 जनवरी को रात्रि 11.15 से 12 जनवरी को प्रात: 10.40 तक
15 जनवरी को प्रात: 5.36 से सायं 4.37 तक
18 जनवरी को प्रात: 10.32 से रात्रि 9.30 तक
21 जनवरी को दिन 3.49 से देर रात 3.04 तक
26/27 जनवरी को रात्रि 1.14 से दिन 1.47 तक
30 जनवरी को रात्रि 8.19 से 31 जनवरी को प्रात: 9.38 तक
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